अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अधिनियम, 1920 (The Aligarh Muslim University Act, 1920)
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) अधिनियम, 1920 भारतीय शिक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह अधिनियम मुहम्मदन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज, अलीगढ़ को एक पूर्ण विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने का आधार बना। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारतीय मुसलमानों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक शिक्षा प्रदान करना था। यह विश्वविद्यालय सर सैयद अहमद खान के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक शिक्षा और इस्लामिक मूल्यों के समन्वय का प्रतीक बना।
1875 में स्थापित मुहम्मदन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज ने 1920 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त किया। इस परिवर्तन के पीछे ब्रिटिश सरकार की नीति और भारतीय मुसलमानों की शैक्षिक आवश्यकताएं थीं। विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया, जिससे यह भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल हो गया। 1951 और 1972 के संशोधनों ने इसके ढांचे और उद्देश्यों को और विस्तृत किया।
AMU ने भारतीय मुसलमानों के शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह संस्थान धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है, जहां सभी धर्मों और जातियों के छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलता है।