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कच्छी मेमन अधिनियम, 1938 (Cutchi Memon Act, 1938)
कच्छी मेमन अधिनियम, 1938 भारतीय विधिक प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अधिनियम है, जिसे वर्ष 1938 में अंग्रेज़ी शासनकाल के दौरान पारित किया गया था। यह अधिनियम मुख्य रूप से कच्छी मेमन समुदाय के धार्मिक एवं पारिवारिक मामलों, विशेषकर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति के अधिकारों से संबंधित नियमों को संहिताबद्ध करता है। इसका ऐतिहासिक महत्व यह है कि इसने समुदाय को उनके रीति-रिवाजों के अनुसार न्याय प्रदान करने हेतु एक कानूनी ढाँचा प्रदान किया, जो आज भी प्रासंगिक है। यह बेयर एक्ट इस अधिनियम के मूल पाठ को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक इसकी धाराओं को आसानी से समझ सकते हैं।
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