चिट फंड अधिनियम, 1982 (Chit Funds Act, 1982)
चिट फंड अधिनियम, 1982 भारत में चिट फंड योजनाओं के विनियमन और नियंत्रण के लिए संसद द्वारा बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। यह अधिनियम चिट फंड व्यवसाय को कानूनी ढांचा प्रदान करता है, जिससे इसकी पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है। इसके तहत चिट फंड शुरू करने, संचालित करने, पंजीकरण, प्रबंधन और समापन से जुड़े नियम, कर्तव्य और दायित्व स्पष्ट किए गए हैं, ताकि निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।
यह अधिनियम चिट फंड कंपनियों और प्रवर्तकों के लिए अनिवार्य मानदंड, जमा राशि की सुरक्षा, लेखा परीक्षा, विवाद निपटान और उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करता है। इसका उद्देश्य चिट फंड क्षेत्र में अनियमितताओं को रोकना और जनता के धन को सुरक्षित रखना है। इस प्रकार, यह कानून भारतीय वित्तीय नियामक प्रणाली में चिट फंड के सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन की आधारशिला है।