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डॉक कर्मकार (नियोजन का विनियमन) (महापत्तनोंको लागू न होना) अधिनियम, 1997 (Dock Workers (Regulation of Employment) (Not to Apply to Major Ports) Act, 1997)
डॉक कर्मकार (नियोजन का विनियमन) (महापत्तनोंको लागू न होना) अधिनियम, 1997 के बारे में संक्षिप्त जानकारी:
यह अधिनियम वर्ष 1948 में पारित मूल डॉक कर्मकार (नियोजन का विनियमन) अधिनियम में एक महत्वपूर्ण संशोधन है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के महापत्तनों (प्रमुख बंदरगाहों) को इस अधिनियम के दायरे से बाहर करना था, जिससे उनके कर्मचारियों की भर्ती व सेवा शर्तों का विनियमन एक विशेष प्रावधान के तहत हो सके। भारतीय श्रम कानून के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसने बंदरगाह प्रबंधन को अधिक लचीलापन प्रदान किया तथा बंदरगाह क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए नियोजन की प्रक्रिया को स्पष्ट किया। यह अधिनियम बंदरगाह क्षेत्र में श्रम सुधार एवं कुशल कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था।
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