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डॉक कर्मकार (रोजगार विनियमन) अधिनियम, 1948 (Dock Workers (Regulation of Employment) Act, 1948)
डॉक कर्मकार (रोजगार विनियमन) अधिनियम, 1948 भारत के डॉक कर्मकारों के रोजगार को विनियमित करने के लिए लाया गया एक महत्वपूर्ण श्रम कानून है। इस अधिनियम का उद्देश्य बंदरगाहों पर काम करने वाले श्रमिकों के नियोजन, भर्ती, न्यूनतम मजदूरी, कार्य घंटे और सेवा शर्तों को सुनिश्चित करना है। इसमें डॉक श्रम बोर्ड के गठन, कर्मकारों का पंजीकरण और नियोजकों के कर्तव्यों का भी प्रावधान है। यह अधिनियम श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए बंदरगाह क्षेत्र में व्यवस्थित और न्यायसंगत रोजगार प्रणाली स्थापित करता है, जो आज भी प्रासंगिक बना हुआ है।
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