पंजाब विधि अधिनियम, 1872 (The Punjab Laws Act, 1872)
पंजाब विधि अधिनियम, 1872 ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में पंजाब क्षेत्र के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून था। यह अधिनियम पंजाब की सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया गया था। ब्रिटिश सरकार ने भारतीय उपमहाद्वीप में अपने शासन को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कानून बनाए थे, जिनमें से पंजाब विधि अधिनियम भी एक था।
इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य पंजाब में कानूनी व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाना था। यह भूमि संबंधी विवादों, कर संग्रह, और स्थानीय प्रशासनिक मामलों को निपटाने के लिए एक ढांचा प्रदान करता था। ब्रिटिश सरकार ने पंजाब को एक रणनीतिक क्षेत्र माना था, इसलिए यहाँ के कानूनों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया था ताकि स्थानीय आबादी पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके।
इस अधिनियम ने पंजाब के लोगों के जीवन को गहराई से प्रभावित किया और ब्रिटिश शासन के दौरान इस क्षेत्र के विकास तथा प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह अधिनियम आज भी पंजाब के कानूनी इतिहास का एक अहम हिस्सा माना जाता है।