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पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954 (The Delivery of Books and Newspapers (Public Libraries) Act, 1954)
यह अधिनियम 1954 में पारित "पुस्तक और समाचारपत्र परिदान (सार्वजनिक पुस्तकालय) अधिनियम, 1954" है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के ज्ञान संसाधनों का संरक्षण और लोगों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। यह अधिनियम प्रकाशकों को यह बाध्य करता है कि वे प्रकाशित हर नई पुस्तक की कुछ प्रतियां तथा समाचारपत्र के प्रत्येक अंक की एक प्रति निर्दिष्ट सार्वजनिक पुस्तकालयों (जैसे कोलकाता स्थित राष्ट्रीय पुस्तकालय) को निःशुल्क भेंट करें। इसका महत्व राष्ट्रीय पांडुलिपि को समृद्ध करने, शोधकर्ताओं व आम जनता को ऐतिहासिक व सांस्कृतिक सामग्री उपलब्ध कराने और देश के प्रकाशन इतिहास का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करने में है। इसमें नियमों का पालन न करने पर दंड का प्रावधान भी शामिल है।
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