अधिमानी शेयर (लाभांशों का विनियमन) अधिनियम, 1960 (Preference Shares (Regulation of Dividends) Act, 1960)
अधिमानी शेयर (लाभांशों का विनियमन) अधिनियम, 1960, भारतीय कंपनी कानून के तहत एक महत्वपूर्ण कानून है जिसे 28 दिसंबर, 1960 को संसद द्वारा पारित किया गया। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कुछ कंपनियों के अधिमानी शेयरों पर दिए जाने वाले लाभांशों को विनियमित करना था। यह अधिनियम उन मामलों को संबोधित करता है जहां अधिमानी शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश आयकर से मुक्त होते हैं या जहां कंपनियाँ आयकर की कटौती के बिना लाभांश वितरित करती हैं। इस अधिनियम ने लाभांश वितरण में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण नियम स्थापित किए।
यह अधिनियम भारतीय कॉर्पोरेट कानून के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसने अधिमानी शेयरधारकों के हितों की रक्षा करते हुए लाभांश वितरण में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की। 1960 के दशक में, जब भारतीय अर्थव्यवस्था में औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा था, यह अधिनियम कंपनियों और निवेशकों के बीच विश्वास बनाने में सहायक रहा। आज भी, यह अधिनियम कंपनी कानून के अंतर्गत लाभांश विनियमन के लिए एक आधारभूत ढाँचा प्रदान करता है।