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आधार (वित्तीय और अन्यक सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यिित परिदान) अधिनियम, 2016 (Aadhaar (Targeted Delivery of Financial and Other Subsidies, Benefits and Services) Act, 2016)

आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 भारत की संसद द्वारा 25 मार्च 2016 को पारित एक महत्वपूर्ण कानून है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आधार (12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या) के माध्यम से भारत में रहने वाले व्यक्तियों को एक कानूनी पहचान प्रदान करना है, ताकि सरकारी सहायता, सुविधाओं और सेवाओं का लक्षित और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जा सके।
यह अधिनियम भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) को स्थापित करने, आधार संख्या जारी करने की प्रक्रिया, डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा के मानकों, और अधिप्रमाणन (आधार सत्यापन) के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है। साथ ही, यह आधार संख्या के दुरुपयोग या गलत प्रतिनिधित्व के लिए दंड का भी प्रावधान करता है। इस कानून ने भारत के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में एक मजबूत भूमिका निभाई है।

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