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पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 (The Street Vendors (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014)

पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 भारत की संसद द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे सड़क किनारे छोटे व्यवसाय करने वाले पथ विक्रेताओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी आजीविका सुनिश्चित करने और उनके कारोबार के व्यवस्थित विनियमन के उद्देश्य से बनाया गया था। यह अधिनियम पहली बार देश के अनौपचारिक क्षेत्र के इस बड़े वर्ग को कानूनी मान्यता व सुरक्षा प्रदान करता है।
इस कानून के माध्यम से पथ विक्रेताओं के पंजीकरण, विक्रय प्रमाणपत्र जारी करने, उन्हें मनमाने ढंग से हटाए जाने या उत्पीड़न से बचाने, तथा उनके पुनर्वास के स्पष्ट प्रावधान निर्धारित किए गए हैं। साथ ही, नगर विक्रय समिति के गठन और विवाद निवारण तंत्र की व्यवस्था की गई है। यह अधिनियम शहरी योजना में पथ विक्रेताओं को सम्मिलित करते हुए सार्वजनिक स्थानों के उपयोग में संतुलन बनाने का प्रयास करता है और भारतीय कानूनी व्यवस्था में सामाजिक-आर्थिक न्याय की दिशा में एक सार्थक कदम माना जाता है।

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