परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 (The Atomic Energy Act, 1962)
परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 भारत की संसद द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे 15 सितंबर 1962 को लागू किया गया। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा के विकास, नियंत्रण और उपयोग को विनियमित करना है। यह परमाणु सामग्री, संयंत्रों और अन्य संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार को विशेष अधिकार प्रदान करता है, ताकि राष्ट्रीय हितों, सुरक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा सके।
इस अधिनियम के तहत, परमाणु खनिजों की खोज, उत्पादन, आयात-निर्यात, और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं को नियंत्रित किया जाता है। यह कानून भारत के परमाणु कार्यक्रम की नींव रखने और उसे मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही, यह परमाणु दुर्घटनाओं की रोकथाम और रेडियोएक्टिव पदार्थों के सुरक्षित प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान करता है।
यह अधिनियम भारतीय कानूनी प्रणाली में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जाता है और देश की ऊर्जा सुरक्षा तथा technological विकास में इसका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।






